Saturday, June 13, 2009

निराशाजनक व्यवस्था

भारत की वर्तमान व्यवस्था बहुत ही निराशाजनक हो गई है सारी शक्ति ऊपर बैठे चंद हाथों में सिमट कर रह गई है नीचे बैठे लोग अक्सर ज्यादती का शिकार होते रहते हैं और कुछ नहीं कर पाकर मन मसोस कर रह जाते हैं आख़िर कब तक होगा ऐसा ?