Thursday, January 26, 2012

गणतन्त्र

क्या हमारा गणतन्त्र अधूरा है ?

अन्ना का थप्पड़

अन्ना का थप्पड़ किस-किस को पड़ेगा ?
भ्रष्टाचार हिन्दोस्तान की नस-नस में फ़ैल चुका है .

Monday, January 23, 2012

जूतम-पैजार

जो जनता के खिलाफ काम करे उसे भी जूते,
जो जनता की आवाज उठाये उसे भी जूते .
यह जूतम-पैजार बंद होनी चाहिए .

Wednesday, January 18, 2012

क्यों डर रहे हो सलमान रश्दी से,
खा तो नहीं जाएगा,
आने दो !

Sunday, January 15, 2012

विक्षिप्त मानसिकता

जूता, चप्पल, थप्पड़, स्याही
विक्षिप्त मानसिकता की परिचायी
करके कुछ दिखलाया होता
तब मिलती इनको वाहवाही


Friday, January 6, 2012

अन्ना हजारे हुए बेचारे !
कुशवाहा !
कुश ! वाहा !
कुशवा ! हा !