Thursday, December 23, 2010

प्याज रुलाए दूजी बार .
पर न गिरे अब सरकार .

Monday, December 20, 2010

अल्पसंख्यक, बहुसंख्यक

अब आतंकवाद के नाम भी अल्पसंख्यक, बहुसंख्यक होने लगे हैं ...

Thursday, December 16, 2010

चिन्तक

'चिन्ता' चिता समान है, यह जानते हुए भी कुछ लोग 'चिन्तक' हुआ करते हैं .

Monday, December 13, 2010

हर्जाना भरा जाए

संसद के इस अधिवेशन में देश का डेढ़ अरब रुपया बर्बाद करने पर सांसदों को इसका हर्जाना भरना चाहिए . प्रत्येक सांसद को चाहिए कि वह २५-२५ लाख रुपए सरकारी कोष में जमा कराए .

Wednesday, December 8, 2010

पीठ क्यों थपथपाई

मुझे एक बात समझ नहीं आई. मनमोहन ने राजा की पीठ क्यों थपथपाई .

धर्म

नेक कर्म धर्म है . बुरा कर्म अधर्म है .

Wednesday, December 1, 2010

कन्या भ्रूण हत्या

एक नारा यह भी - ''कन्या भ्रूण हत्या बंद करो ।''
टिप्पणी - और बालक भ्रूण हत्या चलने दो क्या  ?

Wednesday, November 24, 2010

काला धन

एक नारा - ''विदेशों से काला धन वापिस मंगवाया जाए ।''
टिप्पणी - पहले विदेशों में काला धन जाना तो बंद कर लो

Wednesday, November 17, 2010

गौरमिंट

मेरे पड़ोस में एक बुजुर्ग व्यक्ति रहते थे . सरकार के बारे में उनकी परिभाषा थी- " गौरमिंट उसे कहते हैं जो मिन्ट-मिन्ट में गौर करे."

Friday, October 15, 2010

खेल भावना

खेलों से दुनियाभर में मैत्री का संदेश जाता है .
इन खेलों से विश्व में भारत का मस्तक और ऊँचा हुआ है .

Thursday, June 24, 2010

सब कुछ सितारों पर निर्भर है !

Monday, May 3, 2010

सवाल जवाब

क्यों नहीं इन्साफ़  की  करते हैं बात सब
ज़ुदा-ज़ुदा है क्योंकि आदमी की जात सब

Tuesday, March 23, 2010

फिर से सोचना होगा !

मुझे लगता है कि मुझे अपने बारे में भी पुनः सोचना होगा कि मैं कौन हूँ और कैसा हूँ । ऐसा हूँ तो ऐसा क्यों हूँ ।

Friday, January 15, 2010

चिंतन मनन में हूँ अभी

चिंतन मनन में हूँ अभी । इंतजार करें ।