Friday, May 25, 2012

धड़कन बन के आजा



कहां है कहां है तू ये तो बता जा


सुरीली सी धुन में कोई गीत गा जा


अदाएं नशीली सी जब आएं मन में

ख़ाबों की यादें वो लगती खटकने

वो मोहिनी सी सूरत तू आ के दिखाजा

सुरीली सी धुन में कोई गीत गा जा


हैं सूनी ये राहें बिना तेरे दिलबर

मैं गिरता ही जाता हूँ बिन तेरे पल-पल

दे सदा हाय मुझको या खुद पास आजा

सुरीली सी धुन में कोई गीत गा जा


वो तेरी सदा थी तू मेरी मैं क्या हूँ

ये वो राज़ है जिसपे 'अर्पित' हुआ हूँ

दिल बनके आऊँ धड़कन बन के आजा

सुरीली सी धुन में कोई गीत गा जा

                                         -अर्पित अनाम