धड़कन बन के आजा



कहां है कहां है तू ये तो बता जा


सुरीली सी धुन में कोई गीत गा जा


अदाएं नशीली सी जब आएं मन में

ख़ाबों की यादें वो लगती खटकने

वो मोहिनी सी सूरत तू आ के दिखाजा

सुरीली सी धुन में कोई गीत गा जा


हैं सूनी ये राहें बिना तेरे दिलबर

मैं गिरता ही जाता हूँ बिन तेरे पल-पल

दे सदा हाय मुझको या खुद पास आजा

सुरीली सी धुन में कोई गीत गा जा


वो तेरी सदा थी तू मेरी मैं क्या हूँ

ये वो राज़ है जिसपे 'अर्पित' हुआ हूँ

दिल बनके आऊँ धड़कन बन के आजा

सुरीली सी धुन में कोई गीत गा जा

                                         -अर्पित अनाम

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